Maharashtra Nagar Parishad Elections 2025: MVA को जो नहीं जम सका, वो एकनाथ शिंदे ने कर दिखाया, नगर परिषद नतीजों में शिवसेना का दबदबाMaharashtra Nagar Parishad Elections 2025 |
महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति की दिशा बदल दी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने इन चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए अपनी स्वतंत्र राजनीतिक ताकत साबित कर दी है। भाजपा के साथ गठबंधन में ही शिवसेना मजबूत रहती है—इस धारणा को तोड़ते हुए शिंदे गुट ने अकेले दम पर चुनाव लड़कर शानदार स्ट्राइक रेट दर्ज किया है।
इस बार शिवसेना ने अपने इतिहास में पहली बार करीब 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से 50 से अधिक नगराध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज कर पार्टी ने सभी राजनीतिक समीकरणों को उलट दिया। उल्लेखनीय है कि महाविकास आघाड़ी के तीनों दलों को मिलाकर जितनी सीटें नहीं मिलीं, उससे कहीं ज्यादा सीटों पर अकेले शिवसेना ने जीत दर्ज की है। वहीं उद्धव ठाकरे गुट की तुलना में शिंदे की शिवसेना ने लगभग पांच गुना अधिक सफलता हासिल की है।
इन नतीजों के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नेतृत्व पूरी तरह स्थापित होता दिखाई दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए शिंदे गुट को नई ऊर्जा देगी।
भाजपा के गढ़ों में भी शिवसेना की सेंध
चुनाव परिणामों में कई ऐसे क्षेत्र सामने आए, जहां शिवसेना ने अपने सहयोगी दल भाजपा के मजबूत गढ़ों में भी बड़ी सेंध लगाई। कोकण क्षेत्र में मंत्री रविंद्र चव्हाण और पालघर-डहाणू क्षेत्र में गणेश नाईक के प्रभाव वाले इलाकों में शिवसेना ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कणकवली और मालवण जैसे प्रतिष्ठित नगर परिषदों में शिवसेना की जीत को अहम माना जा रहा है।
स्थानीय नेतृत्व ने बदले समीकरण
सांगोला में विधायक शहाजीबापू पाटिल ने अकेले दम पर चुनाव लड़ते हुए विरोधियों का क्लीन स्वीप किया। वहीं महाड में सांसद सुनील तटकरे के प्रभाव वाले क्षेत्र में भरत गोगावले के नेतृत्व में शिवसेना ने भगवा फहराया।
मुनगंटीवार को बड़ा झटका
चंद्रपुर जिले की मूल नगर परिषद में भाजपा को करारा झटका लगा है। राज्य के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार के गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में कांग्रेस ने एकतरफा जीत हासिल की। 20 में से 18 सीटें जीतकर कांग्रेस की एकता समर्थ नगराध्यक्ष बनी हैं, जबकि भाजपा को महज दो सीटों से संतोष करना पड़ा।
बीड और नाशिक में भी रोचक मुकाबले
बीड के गेवराई नगर परिषद में भाजपा की गीता पवार ने जीत दर्ज कर पार्टी की मजबूती दिखाई, जबकि नाशिक के सटाणा नगर परिषद में शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शिवसेना की हर्षदा पाटिल और राहुल पाटिल ने भाजपा के पूर्व नगराध्यक्ष सुनील मोरे और उनकी पत्नी को पराजित किया। इस जीत को पालकमंत्री दादा भुसे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
