बीड जिले के विकास के लिए अधिकारी स्वप्रेरणा से कार्य करें – सुमन चंद्रा
बीड जिले के समग्र विकास को गति देने के लिए अधिकारियों को किसी के निर्देश की प्रतीक्षा किए बिना स्वप्रेरणा से काम करना चाहिए, ऐसा स्पष्ट आह्वान अपारंपरिक ऊर्जा मंत्रालय की संचालक सुमन चंद्रा ने किया। वे आकांक्षित तालुका कार्यक्रम के अंतर्गत वडवणी तालुका की समीक्षा बैठक में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि वडवणी तालुका ने आकांक्षित तालुका कार्यक्रम के तहत उल्लेखनीय प्रगति की है और आगामी समय में विशेष रूप से महिलाओं के जीवनस्तर को ऊंचा उठाने के लिए कार्यों की रफ्तार और बढ़ाई जानी चाहिए। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए बालिकाओं की शिक्षा, सामाजिक सशक्तिकरण और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ऐसा भी उन्होंने रेखांकित किया।
“कोई बाहर से आकर काम करेगा, इस मानसिकता को छोड़कर सभी अधिकारियों को यह अपना ही कार्य समझकर पूरी निष्ठा और स्वप्रेरणा से कार्य करना चाहिए,” ऐसा स्पष्ट संदेश सुमन चंद्रा ने दिया।
इस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी विवेक जॉन्सन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितीन रहमान, अपर जिलाधिकारी हरीश धार्मिक, जिला नियोजन अधिकारी तथा निवासी उपजिलाधिकारी शिवकुमार स्वामी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, वडवणी तालुका देश में 117वें स्थान पर है, जबकि राज्य स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्रों में प्रभावी कार्य हो रहा है।
स्वयं सहायता समूहों को उद्योग प्रशिक्षण, बाजार से जोड़ने और मुद्रा ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही विकास का मूल्यांकन केवल कागजी आंकड़ों से नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष लाभार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के आधार पर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना, आवास योजना और विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश भी इस अवसर पर दिए गए।
बैठक के माध्यम से बीड जिले में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों को प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
