Faltan Ledies Doctor Suiside: मामला: फरार पुलिस अधिकारी ने किया सरेंडर, अब तक की पूरी जानकारी सामने ?
महाराष्ट्र के सतारा जिले में फलटन तहसील के दायरे में महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में फरार आरोपी पीएसआई गोपाल बदने ने आत्मसमर्पण कर दिया है। घटना सामने आने के बाद से ही यह आरोपी पुलिस अधिकारी फरार था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
शनिवार (25 अक्टूबर) को गोपाल बदने खुद फलटण पुलिस थाने में पेश हुआ। पुलिस से इस बारे में अधिक जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
फलटण की इस महिला डॉक्टर की आत्महत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। डॉक्टर ने अपनी हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में एक पुलिस अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट में महिला डॉक्टर ने पुलिस अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति पर यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं।
इस मामले से सातारा जिला वासी दहल उठा है और पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच जोरों से कर रही है।
इनि बीच, इस सब मामले का आरोपी पीएसआई ने खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
इससे पहले, दूसरे आरोपी प्रशांत बनकर को पुणे से गिरफ्तार किया गया था।
आखिरकार क्या हुआ था?
गुरुवार (23 अक्टूबर) को महिला डॉक्टर ने फलटण के एक होटल में जाकर आत्महत्या की थी।
उसने अपने हाथ पर लिखे सुसाइड नोट में एक पुलिस अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति का नाम लिखा था।
महिला डॉक्टर ने लिखा था कि एक पुलिस अधिकारी ने उसके साथ चार बार बलात्कार किया और दूसरे व्यक्ति ने शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया।
महिला डॉक्टर के भाई के अनुसार, उस पर गलत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार करने के लिए राजनीतिक और पुलिस का दबाव था।
उसके रिश्तेदारों ने ऐसा भी आरोप लगाया कि इस काम के लिए उसे वहां के एक सांसद के पीए ने फोन किया था
डॉक्टर के भाई इन सब पर क्या कहा–
> “पिछले एक साल से उस पर गलत रिपोर्ट बनाने के लिए दबाव डाला जा रहा था। वह अपनी बहन को यह बात बताती थी। लेकिन इतना दबाव है, यह हमें अंदाजा नहीं था। आखिरकार, उसने इस मानसिक तनाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।”
उन्होंने आगे ऐसे कहा कि –
> “जिस पुलिस अधिकारी ने उसे परेशान किया जा रहा था, उसका नाम भी उसने हाथ पर लिखा है। इस संबंध में उसने पिछले दो सालों से डीवाईएसपी और एसपी को कई शिकायतें भी दी थीं, जिनकी एंट्री भी दर्ज है, लेकिन कोई भी करवाई यहां के प्रशासन पुलिस द्वारा नहीं की है इसी वजह से आज पलटन के एक महिला डॉक्टर को अपने जान देनी पड़ी।”
एक आरोपी गिरफ्तार, फरार पीएसआई ने किया सरेंडर
महिला डॉक्टर ने अपनी सुसाइड नोट में जिन दो व्यक्तियों के नाम लिखे थे, उनमें से एक प्रशांत बनकर को पुणे से गिरफ्तार किया गया है।
फलटण पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन (28 अक्टूबर तक) की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
दूसरे आरोपी, पीएसआई गोपाल बदने ने शनिवार को खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने बताया कि आरोपी पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के बयान में क्या लिखा गया है
जिले एसपी तुषार दोशी ने कहा –
> “महिला डॉक्टर ने अपने हाथ पर दो नाम लिखे हैं। उसमें फलटण ग्रामीण के पीएसआई और एक नागरिक का उल्लेख है। उसने शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न तथा बलात्कार के आरोप लगाए हैं। इसी वजह से आत्महत्या करने की बात लिखी है।
> इस पर बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने के दो धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम भेजी गई थी। पीएसआई को तत्काल निलंबित किया गया है।”
महिला डॉक्टर की शिकायतें अनसुनी रहीं
महिला डॉक्टर ने अपने साथ हो रहे उत्पीड़न की कई लिखित शिकायतें की थीं, लेकिन उनकी दखल नहीं ली गई।
उसने 19 जून 2025 को फलटण के डीएसपी को पत्र लिखकर कहा था कि –
> “मुझ पर यह दबाव डाला जा रहा है कि मरीज ‘फिट नहीं है’ ऐसा झूठा रिपोर्ट दूं, और मना करने पर मुझे गालियां दी जाती हैं।”
लेकिन इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद उसने 13 अगस्त 2025 को आरटीआई (RTI) लगाकर अपनी शिकायत की स्थिति पूछी थी, पर कोई जवाब नहीं मिला।
सुप्रिया सुळे का बयान
राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुळे ने कहा –
> “महिला डॉक्टर का आत्महत्या प्रकरण बेहद गंभीर है। उसने अपनी शिकायतें कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को दीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिर उसने यह कदम उठाया।
> अब यह जांच होनी चाहिए कि उसकी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”
महिला आयोग ने क्या कहा
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने कहा –
> “महिला आयोग ने इस मामले की दखल ली है।
फलटण सिटी पुलिस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2) और 108 के तहत केस दर्ज किया गया है।
फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए टीम भेजी गई है।
> यदि महिला डॉक्टर ने पहले से शिकायत की थी तो उसे मदद क्यों नहीं मिली, इसकी भी जांच की जाएगी, और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

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