निर्वाचन आयोग का महत्वपूर्ण निर्णय, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों की घोषणा

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निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनावों की घोषणा की है।

राज्य में कुल 246 नगर परिषदें और 42 नगर पंचायतों के लिए 2 दिसंबर 2025 को मतदान होगा, जबकि 3 दिसंबर को मतगणना और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनावों में कुल 3,820 वार्डों में 6,859 सदस्य और 288 अध्यक्षों का चयन किया जाएगा, यह जानकारी राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए 31 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। मतदान केंद्रवार मतदाता सूची 7 नवंबर 2025 को घोषित की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 31 जनवरी तक सभी चुनाव संपन्न करने होंगे, ऐसा भी वाघमारे ने बताया।

हाल ही में मतदान को लेकर विवाद हुआ था, जिसके संदर्भ में निर्वाचन आयोग ने विशेष सतर्कता बरतने की बात कही है। वाघमारे ने कहा कि मतदाताओं की एक से तीन बार तक जांच की जाएगी।

डबल नाम वाले मतदाता पर क्या कहा आयोग ने?
वाघमारे ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने डुप्लिकेट मतदाताओं पर नजर रखने के लिए एक विशेष टूल विकसित किया है। इस सिस्टम के माध्यम से ऐसे मतदाताओं के नाम के सामने “डबल स्टार” का निशान लगाया गया है। संबंधित अधिकारी ऐसे मतदाताओं से संपर्क कर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे किस मतदान केंद्र पर मतदान करेंगे।

अधिकारी उन मतदाताओं का नाम, लिंग और फोटो की जांच करेंगे। मतदाता जिस केंद्र का चयन करेगा, वहीं वह मतदान कर सकेगा, अन्य जगह मतदान नहीं कर सकेगा।

अगर किसी मतदाता के नाम के सामने डबल स्टार है और उसने कोई जवाब नहीं दिया, तो उसके नाम के सामने सभी जगह यह चिन्ह रहेगा। यदि वह मतदान के दिन उपस्थित होता है, तो उससे यह शपथपत्र लिया जाएगा कि उसने किसी अन्य केंद्र पर मतदान नहीं किया है। उसके बाद ही उसकी पात्रता तय की जाएगी।

निर्वाचन आयोग की यह प्रक्रिया मतदान से दो दिन पहले तक जारी रहेगी। इसके बाद ही डुप्लिकेट मतदाताओं की सटीक संख्या सामने आएगी।

विपक्षी दलों ने 15 अक्टूबर तक की मतदाता सूची मांगी थी, जिसकी मांग केंद्रीय निर्वाचन आयोग से की गई है, लेकिन अब तक जानकारी नहीं मिली है।

कितनी सीटों पर होंगे चुनाव?
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार कुल 288 स्थानीय निकायों के लिए चुनाव होंगे, जिनमें 246 नगर परिषदें और 42 नगर पंचायतें शामिल हैं।
246 नगर परिषदों में से 236 का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, जबकि 10 नई परिषदों के चुनाव होंगे।
147 नगर पंचायतों में से 42 जगह चुनाव होंगे — इनमें 15 नई हैं और 27 का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।

कुल 3,820 वार्डों में 6,859 सदस्य और 288 अध्यक्षों का चुनाव होगा।

यह चुनाव बहु-सदस्यीय होंगे। नगर परिषद के एक वार्ड में 2 सीटें होती हैं, और यदि सदस्य संख्या विषम है, तो एक वार्ड में 3 सीटें होंगी। इसलिए मतदाताओं को 2-3 सदस्यों और एक अध्यक्ष के लिए वोट देना होगा।
नगर पंचायत में एक सदस्य और एक अध्यक्ष — दो नामों के लिए मतदान किया जाएगा।

चुनाव प्रक्रिया कैसी होगी?
उम्मीदवारों के नामांकन ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। एक उम्मीदवार एक वार्ड में अधिकतम 4 आवेदन दाखिल कर सकता है।
ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद उसकी प्रिंट निकालकर निर्वाचन अधिकारी को जमा करनी होगी।

नामांकन पत्र के साथ जाति वैधता प्रमाणपत्र देना आवश्यक होगा। यदि प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है, तो आवेदन की रसीद संलग्न कर नामांकन दाखिल किया जा सकता है, परंतु निर्वाचित होने के बाद 6 महीनों के भीतर प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा।

मतदाताओं के लिए वेबसाइट
नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए मतदाता अपने नाम की जांच https://mahasecvoterlist.in वेबसाइट पर कर सकते हैं।
“Search Name in Voter List” पर क्लिक करके नाम या EPIC (मतदाता पहचान पत्र) नंबर डालकर मतदाता सूची में अपना नाम और मतदान केंद्र देखा जा सकता है।

लंबित महापालिका चुनाव:
मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पनवेल, कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, भिवंडी-निजामपुर, वसई-विरार, मीरा-भाईंदर, पुणे, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, कोल्हापुर, नाशिक, मालेगांव, अकोला, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर, संभाजीनगर, नांदेड, लातूर, परभणी।

लंबित जिला परिषद चुनाव:
रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, नाशिक, जळगांव, अहमदनगर, पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर, सोलापुर, जालना, परभणी, हिंगोली, बीड, नांदेड, धाराशिव, लातूर, अमरावती, यवतमाळ, चंद्रपुर, वर्धा।

राज्य में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के कुल लगभग ढाई लाख सदस्य हैं, जिनमें 27,900 ग्राम पंचायतों के सदस्य शामिल हैं।

राज्य की कुल 29 महापालिकाओं के चुनाव पिछले 2 से 4 वर्षों से लंबित हैं। जालना और इचलकरंजी महापालिकाओं का पहला चुनाव अभी तक नहीं हुआ है। फिलहाल सभी जगह आयुक्त प्रशासक के रूप में काम कर रहे हैं।

फरवरी 2025 के अंत तक 6 जिला परिषदों और 44 पंचायत समितियों का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है। लगभग 1500 ग्राम पंचायतों में भी प्रशासनिक व्यवस्था लागू है।

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