सुबह उठते ही की जाने वाली ‘यह’ गलती दिल के लिए बन सकती है जानलेवा, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है
भारत सहित दुनिया भर में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, कम नींद और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह उठने के बाद की जाने वाली कुछ आम गलतियां धीरे-धीरे दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
हार्ट अटैक अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा वर्ग में भी इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी इस खतरे से अछूती नहीं हैं।
- Loha Accident : तेज़ रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर आग की चपेट में, एक की मौके पर मौत
- Dhurandhar Box Office Collection | रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने रचा इतिहास, 1000 करोड़ क्लब में शानदार एंट्री
- अजित पवार की फौज मैदान में; धनंजय मुंडे, अमोल मिटकरी से लेकर रुपाली चाकणकर की तोप गरजेगी, 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी
- सुबह उठते ही की जाने वाली ‘यह’ गलती दिल के लिए बन सकती है जानलेवा, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है
- हाईवे पर आग का तांडव: गोकर्ण जा रही बस का भीषण हादसा, गहरी नींद में सो रहे 17 यात्रियों की जलकर मौत
सुबह उठने के बाद शरीर को निष्क्रिय रखना पड़ सकता है भारी
आज के डिजिटल दौर में सुबह उठते ही मोबाइल फोन देखने की आदत आम हो गई है। नींद से जागने के बाद शरीर कुछ समय तक सुस्त रहता है। ऐसे में बिना किसी हलचल के लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जागने के बाद 5 से 10 मिनट हल्की शारीरिक गतिविधि जरूरी होती है। यदि ऐसा न किया जाए तो रक्त संचार धीमा पड़ सकता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका रहती है।
बढ़ सकता है इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा
सुबह के समय शारीरिक गतिविधि न करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ सकता है। इसका सीधा असर शरीर में शुगर के स्तर पर पड़ता है। ब्लड शुगर का बढ़ना, पेट की चर्बी जमा होना और वजन बढ़ना—ये सभी दिल की सेहत के लिए खतरनाक माने जाते हैं।
वजन बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर और शरीर में सूजन जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं, जो आगे चलकर हार्ट अटैक की वजह बन सकती हैं।
सुबह क्या करना है जरूरी?
दिल को स्वस्थ रखने के लिए सुबह उठते ही कम से कम 5 मिनट हल्की शारीरिक गतिविधि करना फायदेमंद होता है। इसमें
- हल्की स्ट्रेचिंग
- धीमी गति से टहलना
- गहरी सांस लेने के अभ्यास
शामिल हैं। इन आदतों से रक्त संचार बेहतर होता है, मेटाबॉलिज्म सक्रिय होता है और दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है।
जीवनशैली में बदलाव ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय
तेल-मसाले वाला भोजन, तनाव, कम नींद और शारीरिक गतिविधियों की कमी दिल की बीमारियों को बढ़ावा देती है। इसलिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी पीना और पूरी नींद लेना बेहद जरूरी है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के इलाज या उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
अगर चाहें तो मैं इसी विषय पर
